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छत्तीसगढ़ में नि:शक्त विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क छात्रावास, शिक्षा में बढ़ेगा आत्मबल

  • Writer: k sharda
    k sharda
  • Jun 13, 2025
  • 1 min read

राज्य सरकार द्वारा दिव्यांग (नि:शक्त) विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई है। "नि:शक्त विद्यार्थियों हेतु छात्रगृह योजना" के तहत अब राज्य के पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रावास के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी।

नि:शक्त विद्यार्थियों हेतु छात्रगृह योजना
नि:शक्त विद्यार्थियों हेतु छात्रगृह योजना

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है। यदि एक ही शिक्षण संस्था में अध्ययनरत एक से अधिक (अधिकतम 5) दिव्यांग छात्र समूह बनाते हैं, तो उन्हें रेंट कंट्रोल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित सीमा तक किराया सहायता दी जाएगी।

पात्रता:-न्यूनतम 40% दिव्यांगता।

छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना।

महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक या आईटीआई में नियमित प्रवेश।

शिक्षण संस्था, निवास स्थान से कम से कम 20 किलोमीटर दूर हो।

लाभ:- छात्रों को तीन श्रेणियों में बाँटकर किराया सहायता दी जाएगी:

A श्रेणी शहरों में ₹10,000 तक

B श्रेणी शहरों में ₹7,000 तक

C श्रेणी शहरों में ₹5,000 तक

आवेदन प्रक्रिया:-दिव्यांग छात्रों का समूह आवश्यक दस्तावेजों जैसे दिव्यांग प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, प्रवेश प्रमाण, और किरायानामा पत्र के साथ अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन करेगा।

इस योजना से ऐसे अनेक दिव्यांग छात्र लाभान्वित होंगे जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन आवासीय समस्या के कारण वंचित रह जाते हैं। समाज कल्याण विभाग का यह प्रयास सराहनीय है और इससे "शिक्षा सबके लिए" के लक्ष्य को एक नई दिशा मिलेगी।


 
 
 

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