top of page
Search

"थायगराज स्टेडियम में दिव्यांगजन के जज़्बे का जश्न: समावेशी खेलों की ओर एक कदम"

  • Writer: k sharda
    k sharda
  • Apr 3, 2025
  • 1 min read

खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने का ज़रिया भी हैं।

खेल
खेल

29 मार्च, 2025 को दिल्ली के थायगराज स्टेडियम में राज्य स्तरीय पैरा-कम-विशेष खेल प्रतियोगिता 2024-25 का सफल समापन हुआ।


इस आयोजन में 2,907 से अधिक प्रतिभागियों ने 12 खेल विधाओं में भाग लिया, जिससे खेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।



खेलों के ज़रिए दिव्यांगजन का सशक्तिकरण


खेल आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।


यह समाज में समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने का माध्यम है।


NEP 2020 के तहत शिक्षा में खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि दिव्यांग बच्चों को समान अवसर मिलें।



इस साल की खास बातें


इस साल साइक्लिंग, योग, रोप स्किपिंग और क्रिकेट को जोड़ा गया, जिससे और अधिक बच्चों को भाग लेने का अवसर मिला।


माता-पिता और शिक्षकों का उत्साहवर्धन भी देखने लायक था।



सरकार और समाज की भूमिका


सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएँ जैसे समग्र शिक्षा अभियान दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देती हैं।


हमें एक समाज के रूप में आगे आकर इन्हें और अधिक समर्थन देने की जरूरत है।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि दिव्यांग बच्चों के जज़्बे और क्षमताओं का उत्सव था।


समाज और नीति-निर्माताओं को और अधिक प्रयास करने होंगे ताकि हर दिव्यांग बच्चे को समान अवसर मिले।





 
 
 

Comments


Post: Blog2_Post

©2022 by shardaclasses. Proudly created with Wix.com

bottom of page