पं. दीनदयाल उपाध्याय संस्थान: दिव्यांगजनों के आत्मनिर्भर जीवन की ओर एक सशक्त कदम
- k sharda

- Apr 29, 2025
- 2 min read
पं. दीनदयाल उपाध्याय संस्थान: दिव्यांगजनों के आत्मनिर्भर जीवन की ओर एक सशक्त कदम
नई दिल्ली से विशेष रिपोर्ट

दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में भारत सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के अधीनस्थ पं. दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शारीरिक दिव्यांगजन संस्थान (PDUNIPPD), दिल्ली दिव्यांगजनों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।
यह संस्थान उन व्यक्तियों के लिए कार्य कर रहा है जो चलने-फिरने, सुनने, बोलने या शरीर की गति से जुड़ी किसी भी प्रकार की अक्षम्यता से जूझ रहे हैं। PDUNIPPD आधुनिक पुनर्वास सेवाएं, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर जीवन जीने की प्रेरणा और साधन दोनों प्रदान कर रहा है।
संस्थान में उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:
कृत्रिम अंग एवं ऑर्थोटिक्स: दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शरीर के अनुरूप बनाए गए अंग जो उनकी दिनचर्या को सरल बनाते हैं।
फिजियोथेरेपी एवं व्यावसायिक चिकित्सा: दर्द, जकड़न और शारीरिक कमजोरियों से राहत दिलाने के लिए विशेषज्ञ उपचार।
विशेष क्लिनिकल सेवाएं: बहु-दिव्यांग बच्चों के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप, जिससे उनकी प्रगति समय पर हो सके।
पेशेवर शिक्षा और प्रशिक्षण: संस्थान में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी संचालित हैं ताकि दिव्यांगता के क्षेत्र में और भी विशेषज्ञ तैयार हो सकें।
यह क्यों है महत्वपूर्ण:
PDUNIPPD केवल उपचार या सुविधा केंद्र नहीं है, यह एक परिवर्तन की शुरुआत है। यह संस्थान न केवल दिव्यांगजनों को सुविधा देता है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान, अवसर और भविष्य की ओर बढ़ने की शक्ति भी देता है।
कैसे लें लाभ:
दिव्यांगजन संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट http://pdunippd.nic.in/hi/ पर जाकर सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और जरूरत अनुसार संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
"दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, आत्मबल की पहचान है।"
यह संस्थान इस सोच को साकार करता है और हज़ारों ज़िंदगियों को नए विश्वास के साथ जीने का अवसर देता है।




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