विश्व दिव्यांगता दिवस पर राज्य के शिक्षकों के द्वारा प्रेरणादायी वेबिनार का आयोजन
- k sharda

- Dec 3, 2025
- 2 min read
विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर Divine Inspiration द्वारा एक महत्वपूर्ण और सार्थक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रपति अवॉर्डी शिक्षिका सुश्री के. शारदा के मार्गदर्शन में किया गया। वेबिनार में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से जुड़े शिक्षकों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था— “दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएँ और सुलभ वातावरण का निर्माण।”
समावेशी शिक्षा पर सुश्री के. शारदा ने स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ कक्षाएँ, विशेष शिक्षक, रैंप, लिफ्ट और शिक्षण-सहायक उपकरणों की आवश्यकता पर जोर दिया तथा समावेशी शिक्षा को समाज की मजबूती का आधार बताया।
सहायक तकनीक विषय प्रीति शांडिल्य ने स्क्रीन रीडर, स्पीच-टू-टेक्स्ट, डिजिटल नोट्स और AI बेस्ड टूल्स की महत्ता समझाते हुए कहा कि तकनीक दिव्यांगजनों के जीवन और शिक्षा को सरल बनाती है।
रोजगार एवं कौशल विकास पर हिमकल्याणी सिन्हा ने दिव्यांग युवाओं के लिए रोजगार अवसर, कौशल विकास प्रशिक्षण, और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर प्रकाश डाला।
बाधा रहित भारत विषय को गरियाबंद की समीक्षा गायकवाड़ ने सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों और स्कूलों को व्हीलचेयर फ्रेंडली बनाने तथा अवरोध-मुक्त वातावरण विकसित करने की आवश्यकता बताई।
दिव्यांगजनों के अधिकार एवं सरकारी योजनाएँ को जांजगीर-चांपा की श्रीमती ज्योति सराफ ने दिव्यांगजनों के अधिकार, सुविधा कार्ड, पेंशन योजनाएँ और सरकार की प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
डिजिटल एक्सेसिबिलिटी को कबीरधाम के कमलेश लांझे ने बताया कि वेबसाइट, मोबाइल ऐप, ऑनलाइन क्लास और डिजिटल प्लेटफॉर्म को सभी प्रकार की दिव्यांगता के अनुसार सुलभ बनाया जाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांगता: बिलासपुर के व्याख्याता श्री सुशील कुमार पटेल ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सहयोग और सकारात्मक वातावरण को दिव्यांगजनों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
दिव्यांग महिलाओं का सशक्तिकरण विषय पर यशवंत कुमार पटेल ने दिव्यांग महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सम्मान के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
माता-पिता और शिक्षक प्रशिक्षण विषय पर बिलासपुर शिवकुमार बंजारे ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
प्रेरक सफलता की कहानियाँ विषय पर कबीरधाम के श्री लक्ष्मण बांधेकर ने दिव्यांगजनों की उपलब्धियों, सफलताओं और प्रेरक जीवन कथाओं को साझा कर प्रतिभागियों में नई ऊर्जा भरी।
समाज की सोच में बदलाव को सक्ती की श्रीमती चंचला चंद्रा ने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।
सहायक लर्निंग ऐप और टूल विषय पर कांकेर के कृष्ण राणा ने मोबाइल ऐप, स्क्रीन रीडर, AI टूल और ई-लर्निंग संसाधनों के उपयोग एवं लाभ पर प्रकाश डाला।
सामुदायिक सहभागिता विषय पर बिलासपुर की श्रीमती शांति सोनी ने बताया कि परिवार, स्कूल, समाज और संगठनों के संयुक्त प्रयास से दिव्यांगजनों की उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ कैसे हों ममता सिंह ने दिव्यांगजनों के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं को सुविधाजनक एवं सुलभ बनाने के उपाय बताए।
RPwD Act 2016 एवं कानूनी अधिकार विषय पर दुर्ग के वीरेंद्र कुमार ने RPwD Act 2016, 21 दिव्यांग श्रेणियों, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कानूनी अधिकारों पर उपयोगी जानकारी दी।




Comments